Practorial Board

क्रमांक

नाम

पद

1

डॉ० महेंद्र प्रताप सिंह 

चीफ  प्रॉक्टर

2

दयाशंजर सिंह यादव

प्रॉक्टर

3

श्री यज्ञ नाथ पांडे

प्रॉक्टर

4

श्री श्याम लाला यादव

प्रॉक्टर

5

डॉ० अजय कुमार यादव

प्रॉक्टर

6

डॉ० पवन कुमार ओझा

प्रॉक्टर

7

डॉ० सुशील कुमार सिंह

प्रॉक्टर

छात्र/छात्राओं के लिए अनुशासन सम्बन्धी नियम

१. यदि कोई छात्र -छात्रा दुर्व्यवहार या उत्तरोत्तर कार्य विमुखता के लिए दोषी पाया जयेगा तो पाचार्य /अनुशासनाधिकारी अपराध की प्रकृति एंव गुरुता के अनुरूप निम्न प्रकार के दण्ड दे सकते है।
अ. अर्थदण्ड
ब. निलम्बन, जो 6 सप्ताह से अधिक का होगा।
स. किसी अवधि के लिए निष्कासन जो सत्रान्त  से कम न होगा।
द. निष्कासन -जिस वर्ष दण्ड दिया गया है उसके अतिरिक्त अधिक से अधिक दो वर्ष की अवधि का  हो सकेगा।

२. महाविद्यालय के किसी क्षेत्र में बिरुद्देश्य इधर-उधर घूमना, बरामदों में भीड़ लगाना अथवा सभाकक्ष में यत्र-तत्र दो-चार के समूह में बैठकर अमर्यादित ढंग से बातें करना।
३. महाविद्यालय की किसी कक्षा या बरामदे या प्रांगण  में ध्रुमपान करना।
४. महाविद्यालय भवन की दीवारो या अन्य जगहों पर पोस्टर चिपकना या लिखना ,अन्य किसी तरह की स्थायी या अस्थायी विकृत जैसे नियत स्थान के अतिरिक्त और कहीं पान खाकर थूकना या कागज आदि फेकना।
५. महाविद्यालय के मुख्य द्धार से साईकिल पर चढ़कर महाविद्यालय में प्रवेश करना या बाहर, निकलना ।
६. किसी प्राध्यापक, अधिकारी या कर्मचारी के साथ अभद्र व्यवहार करना तथा उसके पूछना पर अपना परिचय जैसे नाम,पता, आदि न बताना।
७.  महाविद्यालय सम्पति को किसी भी रूप में क्षति पहुँचना।
८.  महाविद्यालय प्रांगण में ध्वनि विस्तारक यंत्रो का लाना और उसका अनुचित प्रयोग करना, आदि दण्डनीय अपराध माना जाएगा।
९.  कक्षा समाप्त होने के बाद कालेज परिसर में घूमना अनुशासन हीनता माना  जायेगा।
१०. खाली समय में छात्र पुस्तकालय एवं वाचनालय में पठन -पाठन कर सकते है। प्रयोगात्मक सामग्रियों को क्षति पहुँचाने पर सामग्री के वास्तविक मूल्य का दूना मूल्य छात्र - छात्राओं  को देय होगा तथा महाविद्यालय की सम्पति, भवन, टेबूल, कुर्सी, जनरेटर, इन्वर्टर, गमले आदि क्षति पहुँचाने पर अर्थदण्ड रू ० 500 /-देय होगा।