RTI Cell

  • The Right to Information Act, 2005 (22 of 2005) has been enacted by the Parliament and has come into force from 15 June, 2005. This Act provides for right to information for citizens to secure access to information under the control of public authorities in order to promote transparency and accountability in the working of every public authority. All Universities and Colleges established by law made by Parliament or by State Legislature or by notification by the appropriate Government or owned, controlled or substantially financed directly or indirectly by funds provided by the Government shall come within the meaning of a Public Authority under this Act.
  • All universities and colleges are therefore advised to carefully go through this Act and take necessary steps for implementation of various provisions including proactive disclosure of certain kind of information. Such information shall be made available to the public at large through the website by the concerned university/college.
  • The full text of the Act and frequently asked questions for implementation of the act are available on the website www.righttoinformation.gov.in
  • Details of Responsible officers of Right to Information (regarding RTI Act 2005), of Sakaldiha P G College, Sakaldiha Chandauli (UP)-232109, are as follows-

Post

Name

Contact No.

Public Information Officer (PIO)

Dr. Pramod Kumar Singh

9415866945

Appellant Officer

Regional Higher Education Officer Fifth Division, Varanasi (U.P.)

9415356901

सूचनाका अधिकार अधिनियम -2005 से सम्बन्धित दी जाने वाली सूचनाओं के तथ्य

सकलडीहा पोस्ट ग्रेजुएट कालेज सकलडीहा–चंदौली “उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम -1973” केअन्तर्गत“महात्मागांधी काशी विद्यापीठ,वाराणसी”के प्रावधानों  केअन्तर्गत संचालित हो रहा है | यह महाविद्यालय उत्तर प्रदेश शासन के द्वारा अनुदानित है | इसमें स्नातकस्तर पर संस्कृत, हिंदी, अंग्रेजी,राजनिति विज्ञान, अर्थशास्त्र, समाजशास्त्र, रक्षा अध्ययन,शारीरिक शिक्षा,प्राचीन इतिहास, भूगोल, सहित कुल ग्यारह विषयों की पढ़ाई होती है | शिक्षा संकाय के अन्तर्गत इस महाविद्यालय में बी०एड० का अध्यापन कार्य स्थापना काल से ही हो रहा हैं| महाविद्यालयमें स्ववित्तपोषित योजनान्तर्गत भूगोल, हिंदी,राजनिति विज्ञान, समाजशास्त्र, और अंग्रेजी विषयों की पढ़ाई होती है | इस महाविद्यालय की स्थापना वर्ष -1965 में हुई तथा यह महाविद्यालय वर्ष –1974 में “उत्तर प्रदेश शासन” द्वारा अनुदानित हुआ है | सम्प्रति यह “महाविद्यालय महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ,वाराणसी” के निमयों एवं प्रावधानों के अनुसार संचालित हो रहा है |
महाविद्यालय में “सूचना का अधिकार अधिनियम 2005” लागू होने पर आवेदकों को वांछित सूचनाएं प्राप्त करने हेतु अधिनियम की धारा-5(1) के अन्तर्गत जन सूचनाधिकारी के रूप में स्वयं प्राचार्य पदेन “जन सूचना अधिकारी” के पद दायित्वों का निर्वहन करते हैं| आवेदकों को यथा समय अधिनियम की धारा 2 (च) तथा धारा 4 (1)(बी)में उल्लिखित विभिन्नमामलों की सूचनाएं दी जाती है | आवेदकों के परीक्षाफल पंजीयन, छात्रसंघ चुनाव आदि ऐसे मामले जो विश्वविद्यालय से सम्बधित हैं को “प्रथम अपीलीय अधिकारी” “कुलसचिव” महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसीहैं तथा शासकीय, वित्त, वेतन, एरियर, गैर शैक्षणिक कर्मचारियों के अनुज्ञा,नियुक्ति, अनुमोदन आदि ऐसे मामले जो “क्षेत्रीय उच्च शिक्षाधिकारी” वाराणसी से सम्बन्धित हैं उसके प्रथम अपीलीय अधिकारी “क्षेत्रीय उच्च शिक्षाधिकारी” परिक्षेत्र, वाराणसी हैं| आवेदकों से प्राप्त सूचना शुल्क को प्राचार्य कोष / डाकघर  सकलडीहा बाजार (चंदौली)केखाता में जमा किया जाता है | आवेदकवांछित सूचनाओं के प्राप्त न होने पर अथवा अपूर्ण सूचना प्राप्त होने पर असंतुष्ट होने की स्थिति में अधिनियम की धारा- 19(3) के अन्तर्गत “उत्तर प्रदेश राज्य सूचना आयोग” लखनऊ में आवेदन कर सकता है |